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What is Corona Virus and it's Symptoms & Prevention

January 31, 2020
कोरोना वायरस क्या हैं, इसके लक्षण, बचाव ?
Korona Virus


Corona Virus : चीन में Corona Virus से मरने वालों की संख्या बढ़कर 106 हो गई है. इससे संबंधित Nimonia के अब तक 4,515 पुष्ट मामले सामने आए हैं. Health Officers ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
Tibbat को छोड़कर चीन के सभी प्रांतों से Corona Virus के मामले सामने आए हैं. Health Officers के लिए इसे फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है. चीन के अलावा, थाइलैंड में 7 मामले, जापान में 3, दक्षिण कोरिया में 3, अमेरिका में 3, वियतनाम में 2, सिंगापुर में 4, मलेशिया में 3, नेपाल में 1, फ्रांस में 3, ऑस्ट्रेलिया में 4 और श्रीलंका में Corona Virus का एक मामला सामने आया है.
क्या है कोरोना वायरस(Corona Virus)?
Corona Virus (सीओवी) का संबंध Virus के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी Problem हो सकती है. इस Virus को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस Virus का संक्रमण December में चीन के वुहान में शुरू हुआ था. WHO के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं. अब तक इस Virus को फैलने से रोकना वाला कोई टीका नहीं है.
क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?
इसके Infection के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. यह Virus एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी(Precaution) बरती जा रही है. यह Virus December में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था. इसके Other Countries में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है.
क्या हैं इससे बचाव के उपाय?
Health Ministry ने Corona Virus से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इनके मुताबिक, हाथों को Soap से धोना चाहिए. अल्‍कोहल आधारित Hand Rub का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है. खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या Tissue Papers से ढककर रखें. जिन व्‍यक्तियों में Cold और Flue के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें. Egg और mutton के सेवन से बचें. जंगली Animals के संपर्क में आने से बचें.

चीन इस Virus को फैलने से रोकने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है. चीन में नववर्ष की छुट्टियां बढ़ा दी गई है. इस Virus के चलते Turists की संख्या घट सकती है. इसका सीधा असर चीन की Economy पर पड़ेगा. पहले ही चीन की Economy सुस्ती के दौर में है.
लगभग 18 साल पहले Sars Virus से भी ऐसा ही खतरा बना था. 2002-03 में सार्स की वजह से पूरी दुनिया में 700 से ज्यादा लोगों की Death हुई थी. पूरी World में हजारों लोग इससे संक्रमित हुए थे. इसका असर आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ा था.

अगर कोई संक्रमित हो जाए तो...
चीन की सरकार ने Corona Virus की महामारी को वही दर्ज़ा दिया है जो अतीत में Sars की महामारी के समय दिया गया था. इसका मतलब ये हुआ कि देश में जिस किसी की भी इससे Infection होने की पुष्टि होगी, उसे अलग-थलग रखा जाएगा.
विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) ने Hospitals, Doctors और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए विशेष सलाह जारी की है. इस एडवाइजरी में कहा गया है कि संक्रमित मरीज़ों की फौरन जांच की जानी चाहिए. Infection को देखते हुए मरीज़ को हल्का, मध्यम या गंभीर स्थिति के वर्ग में रखा जाए.
Health कर्मी खुद Infection का शिकार न हो, इसके लिए सभी एहतियाती उपाय किए जाएं. गाउन, मास्क, दस्तानों के इस्तेमाल के अलावा Hospital में Infection मरीज़ों की गतिविधि पर नियंत्रण करने की भी सलाह दी गई है.
What is Corona Virus and it's Symptoms & Prevention What is Corona Virus and it's Symptoms & Prevention Reviewed by Nutan Paik on January 31, 2020 Rating: 5

टाइप 1 मधुमेह - Diabetes Type 1 in Hindi

January 28, 2020
टाइप 1 मधुमेह - Diabetes Type 1 in Hindi
Diabetes types 1


Diabetes Type 1 : टाइप 1 मधुमेह दुनियाभर में Diabetes के सभी मामलों में काफी कम पाया जाने वाला रोग होता है। Diabetes Type 1 तब होता है, जब आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली अग्न्याशय मे मौजूद कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। ये कोशिकाएं इन्सुलिन(Insulin) बनाने का काम करती हैं। टाइप 1 डायबिटीज को “Insulin Dependent Diabetes” (इन्सुलिन पर निर्भर मधुमेह) भी कहा जाता है।

ज्यादातर लोग समझते हैं कि type 1 Diabetes बचपन(Childhood) में होने वाला रोग है, जबकि ऐसा नहीं है यह बचपन में होने वाला रोग नहीं है। यह किसी भी उम्र या नस्ल के व्यक्ति को हो सकता है। वास्तव में बच्चों के मुकाबले वयस्कों में Diabetes Type 1 अधिक पाया जाता है। हालांकि पहले इस रोग को “जुवेनाइल डायबिटीज” (बचपन का मधुमेह) के नाम से जाना जाता था।

Diabetes Type 1 से जुड़े लक्षणों में अधिक प्यास लगना, अधिक पेशाब आना, Weight Loss, बहुत थकान होना और बार-बार मूड बदलना आदि शामिल है। Diabetes का पता लगाने के लिए ज्यादातर मामलों में खून टेस्ट किया जाता है। Diabetes Type 1 के कारण शरीर में होने वाली क्षति का पता लगाने के लिए डॉक्टर आपके कुछ अन्य टेस्ट भी कर सकते हैं।

Diabetes Type 1 के इलाज में मरीज को इन्सुलिन देना और उसकी जीवनशैली(Lifestyle) में कुछ बदलाव करना आदि शामिल है। Diabetes Type 1 होने से कई जटिलताएं पैदा हो जाती हैं, जैसे पैर(Foot), नसों, आंखों या फिर Kideny में किसी प्रकार की क्षति होना।

Diabetes Type 1 क्या है?

Diabetes Type 1 का मतलब है कि कोशिकाओं में ग्लूकोज पहुंचाने के लिए इन्सुलिन नहीं है और इस कारण से खून में शुगर बनने लग जाता है। Insulin एक हार्मोन होता है, जिसकी मदद से शरीर खून से ग्लूकोज निकाल कर शरीर की कोशिकाओं में डालता है। Diabetes Type 1 से जीवन के लिए घातक स्थिति पैदा हो सकती है।

Types of Type 1 Diabetes in hindi

Types 1 Diabetes कितने प्रकार का होता है?

Type 1 Diabetes मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है:

Diabetes Type 1:
इसमें शरीर में लगभग पूरी तरह से इन्सुलिन(Insulin) की कमी हो जाती है, जो आमतौर पर स्व: प्रतिरक्षित रोगों के कारण होती है। यह आमतौर पर बचपन(Childhood) में ही विकसित होता है और 30 साल की उम्र के बाद बहुत ही कम मामलों में Diabetes का यह प्रकार हो पाता है। इसमें शरीर का वजन सामान्य रहता है। यदि किसी व्यक्ति के परिवार में पहले कभी Diabetes Type 1 नहीं हुआ है, तो भी उसे यह रोग हो सकता है। इसमें खून में शुगर का स्तर अस्थिर हो जाता है। टाइप 1 मधुमेह में जल्द से जल्द Insulin Treatment करवाने की आवश्यकता पड़ती है।


टाइप 1 बी या आइडियोपैथिक डायबिटीज:
Diabetes Type 1 का एक असाधारण प्रकार होता है, जिसमें शरीर में इन्सुलिन की मात्रा लगभग ना के बराबर होती है। यदि किसी व्यक्ति के परिवार में पहले किसी को यह Diabetes हो चुका है या है, तो इसके होने के जोखिम बहुत अधिक होते हैं। यह प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण होता है या नहीं इसके कोई सबूत नहीं है।


लेटेंट ऑटोइम्यून डायबिटीज ऑफ एडल्टहुड (LADA):
Diabetes Type 1 का ऐसा प्रकार होता है, जो वयस्कों में पैदा होता है। यह धीरे-धीरे बढ़ता है और अंत में Insulin Treatment की आवश्यकता पड़ जाती है। हालांकि शुरुआत में खाद्य पदार्थों(Food Products) व खाने की दवाओं(Medicine) से इसके लक्षणों में सुधार हो जाता है।

टाइप 1 मधुमेह के लक्षण - Diabetes type 1 Symptoms in Hindi

टाइप 1 मधुमेह के लक्षण क्या हैं?

Diabetes Type 1 में होने वाले लक्षण काफी अलग-अलग हो सकते हैं, जिनमें निम्नलिखित लक्षण शामिल हैं:

बहुत अधिक प्यास लगना
अधिक पेशाब आना
थकावट और सुस्ती महसूस होना
हमेशा भूखा महसूस होना
त्वचा पर कट या घाव धीरे-धीरे ठीक होना
खुजली व त्वचा संक्रमण
धुंधला दिखना
शरीर का Weight loss होना, जिसके कारण का पता ना हो
बार-बार मूड बदलना
सिरदर्द होना
चक्कर आना
टांग की मांसपेशियों में ऐंठन

डॉक्टर(Doctor) को कब दिखाएं?

यदि आपको टाइप 1 मधुमेह है और आपको निम्नलिखित लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो आपको जल्द से जल्द Doctor को दिखा लेना चाहिए:

हाथ व पैर सुन्न होना
धुंधला दिखना
अत्यधिक पेशाब आना
घाव व छाले आदि ठीक होने में अधिक समय(Long time) लगना।

टाइप 1 मधुमेह के कारण व जोखिम कारक - Type 1 Diabetes Causes & Risk Factors in Hindi

टाइप 1 मधुमेह क्यों होता है?

Diabetes Type 1 के सटीक कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है। लेकिन इतना पता है कि यह एक पारिवारिक समस्या है और यदि Family member में किसी एक को यह है तो बाकी family members को भी यह रोग होने का खतरा अधिक हो जाता है। टाइप 1 मधुमेह की रोकथाम करना संभव नहीं है और यह समस्या हमारी जीवनशैली(Lifestyle) से संबंधित भी नहीं होती है।

आनुवंशिक:
Type 1 Diabetes में आपका जीन एक बहुत महत्वपूर्ण(Important) भूमिका निभाता है, खासकर उन मरीजों में जिन्हें बचपन या किशोरावस्था(Childhood) में यह रोग हो जाता है। बचपन में शरीर में एक Protein बनता है, जिसकी मदद से प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को Healthy रखती है। Type 1 Diabetes एक स्व प्रतिरक्षित रोग है, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर की Insulin बनाने वाली कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त कर देती है।

वातावरणीय कारक:
वातावरण के कारकों में Virus (रूबेला, कॉक्सेकिवायरस बी और एंटेरोवायरस), Toxin (विषाक्त पदार्थ) और Minerals (गाय का दूध, सेरियल) शामिल हैं।

Type 1 Diabetes होने का खतरा कब बढ़ता है?

कुछ स्थितियां हैं, जो Diabetes type 1 होने का खतरा बढ़ाती हैं:

पारिवारिक समस्या(Family Problem):
यदि किसी व्यक्ति के मां-बाप या सगे भाई-बहन में से किसी को type 1 Diabetes है, तो उसके लिए भी यह रोग होने का खतरा बढ़ जाता है।


उम्र(Age):
वैसे तो टाइप 1 मधुमेह किसी भी उम्र में हो सकता है। लेकिन इसके मामले विशेष रूप से खासकर 4 से 7 साल के बच्चों(Childs) में अधिक होते हैं। कुछ मामलों में 10 से 14 साल के बच्चों में भी इसके मामले अधिक देखे गए हैं।

टाइप 1 मधुमेह का परीक्षण - Diagnosis of Type 1 Diabetes in Hindi

टाइप 1 मधुमेह का परीक्षण कैसे करें?

परीक्षण के दौरान आपके Doctor's आपसे लक्षणों व आपके स्वास्थ्य संबंधी पिछली स्थिति के बारे में पूछेंगे। इसके अलावा आपके Blood में sugar के स्तर की जांच करने के लिए Doctor कुछ Test भी कर सकते हैं, जिनमें निम्नलिखित टेस्ट शामिल हैं:

ब्लड टेस्ट(Blood Test):
किसी व्यक्ति को Diabetes है या नहीं यह पता लगान के लिए, उसके खून में शुगर के स्तर की जांच की जाती है। यह Test दो बार किया जाता है एक बार खाना खाने से पहले और फिर खाना खाने के बाद। Hospital में खून के कुछ सेंपल लिए जा सकते हैं और फिर जांच के लिए उन्हें Laboratory में भेजा जा सकता है।


एचबीए1सी टेस्ट(HBA1C Test):
यह पता लगाने के लिए कि कहीं काफी लंबे समय से Blood Sugar का स्तर अधिक तो नहीं हो रहा, उसके लिए HBA1C के स्तर की जांच की जाती है। HBA1C test की मदद से यह पता लगाया जाता है कि पिछले दो या तीन महीनों में आपका Sugar औसतन कितना अधिक रहा है।

यदि Diabetes के टाइप का पता नहीं है, तो इस बारे में पता लगाने के लिए आपके Doctor निम्नलिखित में से कोई एक या अधिक टेस्ट कर सकते हैं:

कीटोन टेस्ट
जीएडी ऑटो एंटीबॉडीज टेस्ट
सी-पेपाइड टेस्ट

टाइप 1 मधुमेह के बचाव - Prevention of Type 1 Diabetes in Hindi

टाइप 1 मधुमेह की रोकथाम कैसे करें?

अभी तक ऐसी कोई थेरेपी(Therapy) उपलब्ध नहीं है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली में बदलाव कर सके और अग्न्याशय की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचा सके।

Type 1 Diabetes की रोकथाम करने के लिए अभी तक किसी उपाय का पता नहीं चल पाया है। लेकिन जिन लोगों का हाल ही में type 1 Diabetes का परीक्षण हुआ है, उनके लिए शोधकर्ता अभी भी Type 1 Diabetes को बढ़ने से रोकने और अग्न्याशय की कोशिकाओं में क्षति से बचाव के लिए उपाय खोज रहे हैं।
About me :-

I'm a blogger. my blog name is Beauty Health Care
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टाइप 1 मधुमेह - Diabetes Type 1 in Hindi टाइप 1 मधुमेह - Diabetes Type 1 in Hindi Reviewed by Nutan Paik on January 28, 2020 Rating: 5

Steam Facial for Instant Glow

January 26, 2020

Steam Facial - Instant Glow के लिए घर पर ही ऐसे करें स्टीम फेशियल



Steam Facial करने के हैं कई फायदे

आपके साथ भी ऐसा होता होगा ना कि कहीं किसी Party में जाना है या फिर Partner या Boyfriend संग डेट है और आइने में चेहरा देख आपको ऐसा लग रहा है कि फेस से Glow गायब है। Parlour जाकर Facial करवाने का टाइम भी नहीं है। ऐसी सिचुएशन किसी के भी साथ, कभी भी आ सकती है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं एक ऐसे Facial के बारे में जिसे आप घर पर ही बड़ी आसानी से कर सकती हैं। इस Facial की खास बात यह है कि यह आपके चेहरे को देगा Instant Glow। हम बात कर रहे हैं- Steam Facial यानी भाप फेशियल की। Steam Facial के क्या फायदे हैं और आप इसे घर पर कैसे कर सकती हैं, यहां जानें...



भाप लेने के फायदे(Benefits of Steaming)

1. डेड स्किन सेल्स से छुटकारा Steam लेने से स्किन की सतह Soft हो जाती है जिससे डेड स्किन सेल्स के साथ ही धूल, गंदगी और Bacteria को भी दूर करने में मदद मिलती है। एक बार Skin की सतह साफ हो गई फिर आपकी Skin आसानी से सांस ले पाएगी।

2. रक्त संचार बेहतर
जब चेहरे पर हीट पड़ती है तो हमारा Brain, रक्त धमनियों को संकेत देता है कि वे Face पर खून के फ्लो को बढ़ाएं। Face में ब्लड का Circulation बढ़ने से Oxygen और Nutrients ज्यादा मात्रा में चेहरे तक पहुंचते हैं और Face Glow करने लगता है।

3. स्किन पोर्स खुल जाते हैं
Steam Facial यानी भाप लेने से चेहरे से पसीना निकलने लगता है जिससे Skin में मौजूद पोर्स खुल जाते हैं और स्किन के पोर्स में छिपे रहने वाले Dead Cells और Toxins को बाहर निकालने में मदद मिलती है।

4. ब्लैकहेड्स से छुटकारा
भाप लेने से चेहरे पर मौजूद Blackheads और Whitehead सॉफ्ट हो जाते हैं और उन्हें Scrub कर निकालना आसान हो जाता है। Blackheads से छुटकारा पाने के लिए भाप लेने के बाद चेहरे पर Mild Scrub का इस्तेमाल भी करें।

घर पर ऐसे करें Steam Facial
सबसे पहले चेहरे को Facewas का इस्तेमाल कर ठंडे पानी से धो लें।
Face धोने के बाद Face को तौलिए से पोंछकर सुखा लें।
अब पानी को Steamer या किसी बर्तन में गर्म कर लें। पानी को उतना ही गर्म करें, जितना आपकी Skin सह पाए।
अब अपने Face Type के हिसाब से कोई essential oils चुनें और उसकी कुछ बूंदें भाप वाले पानी में मिलाएं।
अपने सिर के ऊपर तौलिया ओढ़ लें, ताकि आपके Face के ऊपर एक टेंट जैसा बन जाए और अपने चेहरे को गर्म पानी के कटोरे या Steamer के ऊपर झुकायें।
करीब 10 मिनट तक अपना Face ऐसे ही झुकाए रखें। अपनी आंखें बंद कर लें और गहरी सांस लें, ताकि भाप आपके Face तक पहुंच सके और Face के रोमछिद्र खुल जाएं।
बहुत ज़्यादा देर तक चेहरे को Steam न दें और न ही Face को पानी के बहुत नजदीक ले जाएं। यदि Face देर तक भाप के ऊपर रहा तो Face पर जलन हो सकती है।
करीब 5 मिनट Steam लेने के बाद Face पर Face Mask लगाएं, जो चेहरे के खुले रोमछिद्रों से गंदगी बाहर खींचेगा।
यदि आपके पास Clay-Mask है, तो वह लगाएं, क्योंकि वह सबसे बेहतर होता है। इस Mask को 15 मिनट तक लगाए रखें और फिर हल्के गर्म पानी से चेहरा धो लें।
Steam Facial लेने के बाद, Tonner का इस्तेमाल करने से आपका चेहरा ताज़ा और निखरा नजर आएगा। आप Tonner के लिए नींबू के रस का भी प्रयोग कर सकती हैं।
फेशल प्रोसेस का आखिरी स्टेप है चेहरे पर Moisturizing Cream लगाना। भाप लेने से Face Dry हो सकता है, इसलिए उसे नम रखने के लिए Moisturizing Cream लगाना जरूरी है।
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#steaming#facial#beautytips#healthcare#news#allviral
Steam Facial for Instant Glow Steam Facial for Instant Glow Reviewed by Nutan Paik on January 26, 2020 Rating: 5

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